Wednesday, 15 April 2015

बृ्हस्पति के उपाय

!!शुभ प्रभात  वंदन   दोस्तों ....जय श्री राधेकृष्णा!! जय माता दी।।

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!!ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: गुरुवे नम:!!

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इस लेख के माध्यम से बृ्हस्पति ग्रह के प्रत्येक भाव मेँ स्थित होने पर उसके उपाय की जानकारी दी है. प्रत्येक व्यक्ति जिनका बृ्हस्पति जिस-2 भाव में स्थित है वह यहाँ दी गई सूची के आधार पर उपाय कर सकता है.

प्रथम भावमें स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1)
नाक में चाँदी पहने ( धारण करे)
2)
सोने की जंजीर गले में पहनें.
3)
दरिया में सरसो का तेल प्रवाहित करें.
4)
नदी में बादाम प्रवाहित करें.
5)
चलते पानी में नारियल छोडे़.
6)
गाय पाले या उसकी सेवा करें.
7)
अछूत की सेवा करें.
8)
केसर का तिलक लगाएं.
द्वितीय भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1)
चने का दाल मन्दिर में शिवजी पर चढा़ये.
2)
गाय का पूजन करें.
3)
कन्या का पूजन करें.
4)
मन्दिर में दान दें.
5)
अतिथि का सत्कार करें .
6)
पूजा पाठ मे़ बिश्वास रखें.
तृ्तीय भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) कभी भी झू ना वोले सत्य के पालन करने का प्रयास करें.
2)
किसी के भी साथ घात करें अर्थात किसी को भी धोखा ना दें.
3)
चोरी अवैध तरीके से धन कमाने की प्रबृ्त्ति से बचे.
4)
अण्डा, मीट, शराव इत्यादि का सेवन करें.
5)
किसी की चामचागिरी करें.
चतुर्थ भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) अपने शरीर को नंगा रखे (दन पर कपडे़ रखे)2) बडे़-बूढे़ की आज्ञा का पालन करें.
3)
शराव, अण्डा,मांस आदी का सेवन करें.
4)
तोता, ड़, बकरी इत्यादि पालें.
5)
घर में मन्दिर की स्थापना करें.
पचंम भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) दान के धन का उपयोग स्वयं के लिए करे़.
2)
कुत्ता अवश्य पालें या उसकी सेवा करे.
3)
ईमानदार वनें कभी भी बेइमानी करें.
4)
दूसरे पर उपकार करें.
छटे भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय 
 1) ब्राह्मण गरु की सेवा करें2) पिता के साथ रहें उनकी सेवा करें.
3)
सोने की चेन पहने.
4)
कुत्ता पालें या उसकी सेवा करें.
5)
पीपल में जल दे़.
6)
केसर का तिलक लगायें.
सप्तम भाव के स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) शिवजी की पूजा करें2) व्यभिचार (अवैध म्बन्धों सेचें)
3)
अपने गृ्ह्स्थ जीवन मे़ सुख शान्ति बनाएं.
4)
घर में मन्दिर की स्थापना करें.
अष्टम भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) शमशान में पीपल का पेड़ लगाएं.
2)
चौथे घर में सूर्य को कायम करने के लिए सूर्य की वस्तुओं - गेहुँ, गुड़ को नदी में प्रवाहित करें.
3)
घर में मन्दिर की स्थापना करें.
4)
नारियल को वहते पानी में वहाएं.
5)
चलते पानी में जौ प्रवाहित करें
नवम भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) नाक छेदन करवायें.
2)
फिटकरी से दान्त साफ करें.
3)
बडे़-बूढे़ का आदर करें.
4)
चावल को चलते पानी में प्रवाहित करे़.
5)
प्रतिदिन मन्दिर में दर्शन के लिए जाएं.
शम भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) मन्दिर में बादाम चढाएं.
2)
ताम्वे का पैसा दरिया में प्रवाहित करें.
3)
चावल चलते पानी मे़ प्रवाहित करें.
4)
शराव, अण्डा, मांस का उपयोग करें.
5)
घर मे़ मन्दिर की स्थापना ना करे़.
6)
केसर का तिलक लगाएं.
एकादभाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) शराव, अण्डा, मांस का उपयोग करें.2) पिता के साथ रहें उनकी सेवा करें.
3)
लावारिस लाश को कफन दान करें.
4)
ताम्बे कडा पहने.
द्वाद्श भाव में स्थित बृ्हस्पति के उपाय
1) शराव, अण्डा, मांस का उपयोग करें.
2)
झूठी गवाही ना दें.
3)
पीपल की पूजा करें.
4)
साधुओं की सेवा करें5) नाक को खुश्कस्वच्छ रखें.
6)
सबके साथ परोपकार करें.
7)
सोते वक्त रात को सिरहाने पानी सौंफ रखकर सोये.
8)
माथे पर केसर का तिलक लगाएं.इस प्रकार लाल किताब के अनुसार बृ्हस्पति के उपाय  करने से तुरन्त लाभ मिलता हैं.
नोट 1) एक समय में केवल एक ही यउपाय करें.
2)
उपाय कम से कम 40 दिन और अधिक से अधिक 43 दिनो तक करें.
3)
उपाय में नागा ना करें यदि किसी रणवश उपाय नागा हो तो फिर से प्रारम्भ करें.
4)
उपाय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक करें.
5)
उपाय खून का रिश्तेदार ( भाई, पिता, पुत्र)
ज्योतिषविद :
देवल दुबलिश, मेरठ  

Tuesday, 14 April 2015

!!शुभ प्रभात  वंदन   दोस्तों ....जय श्री राधेकृष्णा!! जय माता दी।।
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!!ॐब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुद्धाय नम:!!
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बुध ग्रह शुभ स्थिति में हो या अशुभ उसका उपाय करने से जहाँ उसके फल में स्थायित्व रहता  हें, वही दूसरी तरफ अशुभ ग्रह का उपाय करने से उसके दूष्प्रभाव की शान्ति होती है. इस लेख के माध्यम से बुध ग्रह के प्रत्येक भाव मेँ स्थित होने पर उसके उपाय की जानकारी दी गई है. प्रत्येक व्यक्ति जिनका बुध जिस-2 भाव में स्थित है वह यहाँ दी गई सूची के आधार पर उपाय कर सकता है.
प्रथम भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) रात को सिरहाने सौफ रखकर सोएं.2) शाराव, अण्डा, मांस का सेवन करें.3) जीवन में स्थिरता लाएं, एक जगह टिककर काम करें. 4) दबाईयों से सम्बन्धित कार्य करें.5) हरे रंग का त्याग करें.
द्वीतीय भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) रात को सिरहाने पानी रख कर सुबह पीपल में चढा़एं.2) नाक छेदन करवाऎं.3) घर में तोता, भेड़, वकरी ना पालें.4) मन्दिर में दूध, चावल दान करें.5) शाराव, अण्डा, मांस का सेवन करें.6) साली को अपने साथ रखें.
तृ्तीय भाव में भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) पर्तिदिन प्रात: सूर्य को जल दें.2) कुत्ता पालें.3) दक्षिण दरवाजो का मकान बनवाऎं.4) डाक के पत्तो को दूध में धोकर सुनसान जगह में दबाएं.5) फिटकरी से दान्त साफ करें.6) बकरी का दान करें.7) छोटी कन्याओं की सेवा करें.
चतुर्थ भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) बन्दर को गुड़ खिलाएं.2) न्दिर में दूध, चावल चढाएं.3) मन्दिर में या ब्राह्मण को चने की दाल एंव पीला वस्त्र दान करें.
पचंम भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) कीकर की दातुन करें.2) नाक छेदन करवाएं.3) गले में चान्दी की चेन पहने.4) गले में ताम्बे का पैसा धारण करें.5) मीठी बाणी का प्रयोग करें.
छ्टे भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) गगां जल की बोतल कृषि वाली जमीन में दबाऎं.2) ताजे फूल अपने पास रखें.3) दूध का बर्तन सुनसान जगह में दबाएं.4) छोटी कन्याओं की सेवा करें.5) कागज से सम्बन्धित कार्य करें.
सप्तम भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) साली को अपने साथ रखें.2) ब्याज (लेने देने) का काम करें.3) कोई भी काम लिखा पढी से करें.4) साझेदारी में पैसा लगाए.5) सटटेबाजी में पैसा ना लगाए.
अष्टभाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) नाक छेदन करवाऎं
2) मिट्टी के ब्रर्तन में देसी खाण्ड भरकर श्मशान या सुनसान जगह दबाएं.3) छत पर दूध या ओले का पानी रखें.4) ताम्बे के लोटे में मुंग भरकर नदी में प्रवाहित करें.5) किन्नरों को सफेद कमीज काली जुराब दें.
नवम भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) नाक छेदन करवाएं.2) खुम्बी (मसरुम) का बर्त्तन भरके मन्दिर में रखें.3) ताम्बे का पैसा छेद करके गले में पहने.4) घर में तोता, भेड, बकरी ना पाले.5) तावीज, भभूत, सिफी, शंख इत्यादि अपने पास रखें. 6) नया कपडा नदी के पानी का छीटा देकर पहने.
दशम भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1)
शाराव, अण्डा, मांस का सेवन करें.2) मम्दिर में दूध, चावल, रोटी चढाएं.3) घर में शान्ति बनाई रखें.
एकादश भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) तावीज, भभूत, सिफी, शंख इत्यादि अपने पास रखें2) तोता, भेड बकरी ना पालें.3) गले में ताम्बे का पैसा धारण करे़.4) नाक छेदन करवाएं.5) घर में आई हुई वहन ,बुआ, मौसी, साली को मिठाई देकर विदा करें.6) गले में माला धारण ना करे.
द्वादश भाव मे़ स्थित बुध के उपाय
1) नाक छेदन करवाएं.2) कुत्ता पालें.3) दुसरो से ला भशविरा करके काम करें.4) खाली घडा़ जल में प्रवाहित करें.5) माथे पर केसर का तिलक लगाएं.इस प्रकार लाल किताब के अनुसार बुध के उपाय  करने से तुरन्त लाभ मिलता हैं.
नोट:1) एक समय में केवल एक ही उपाय करें.2) उपाय कम से कम 40 दिन और अधिक से अधिक 43 दिनो तक करें.3) उपाय में नागा ना करें यदि किसी करणवश नागा हो तो फिर से प्रारम्भ करें.4) उपाय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक करें.5) उपाय खून का रिश्तेदार ( भाई, पिता, पुत्र इत्यादि) भी कर सकता है
:ज्योतिष विद :
देवल  दुबलिश
मेरठ (उत्तर प्रदेश )